अब युवा अपने सपने करें साकार “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के साथ

अब युवा अपने सपने करें साकार “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के साथ

युवा किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की जान होते हैं। देश की इसी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में वह किसी न किसी रूप में योगदान देते हैं। कोई नौकरी करके, तो कोई व्यवसाय करके। आज के समय में सरकार द्वारा व्यवसाय करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहन देने के लिए कई तरह की योजनाओं को चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का सभी लोग समान रूप से लाभ ले सकें। इस बात का भी विशेष ख्याल रखा जाता है। ऐसी ही एक योजना है “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना”। यह योजना खासकर उन युवाओं के लिए है जो व्यापार तो करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास व्यापार को शुरू करने के लिए पैसे नहीं है। आज के इस लेख में “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” कैसे युवाओं के सपने को साकार करने में मदद करती हैं। इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” का उद्देश्य:

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” का मुख्य उद्देश्य राज्य के जो युवा उद्यमी है, उनको आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है। यह योजना उद्यमियों के द्वारा शुरू किए गए व्यवसायों को सफलतापूर्वक स्थापित करने में मदद करती है। इस योजना में सरकार द्वारा युवा उद्यमियों को पैसों के अलावा, व्यवसायिक प्रशिक्षण, और अनुभवी लोगों के द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाता है, ताकि उनके द्वारा शुरू किए जा रहे नए व्यवसाय में उन्हें किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही वे अन्य लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोल सकें। “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” में सरकार ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करती है, जो अपने नए विचारों के साथ व्यापार करने की सोच रहे होते हैं। इस योजना के अंदर युवाओं को सब्सिडी, कर्ज़ और अन्य कई तरह के लाभ प्रदान किए जाते हैं। इस योजना का सबसे मुख्य उद्देश्य युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के दो मुख्य चरण:

इस योजना के तहत मुख्य रूप से 2 चरणों में युवाओं को ऋण प्रदान किया जाता है। यदि युवा उद्यमी द्वारा पहले चरण की पात्रता को सही तरह से पूरा किया जाएगा, तभी उसे दूसरे चरण का लाभ मिल पाएगा।

पहला चरण –

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के पहले चरण में युवा उद्यमी 5 लाख तक कर्ज सरकार से 4 सालों के लिए बिना किसी गारंटर के साथ ले सकते हैं। इसे कोलेटरल गारंटी मुक्त ऋण के नाम से जाना जाता है। जिसका अर्थ यह है कि ऐसा ऋण जिसमें उधार लेने वाले व्यक्ति को बैंक के पास किसी प्रकार की संपत्ति या गारंटी (कोलेटरल) जमा करने की जरूरत नहीं होती है। एक बात और इस योजना में दिए जाने वाले कर्ज को आप व्यवसाय शुरू करने के लिए भूमि या भवन खरीदने पर प्रयोग नहीं कर सकते हैं। इस ऋण का उपयोग आप उत्पाद और उत्पादन को खरीदने और बढ़ाने के लिए ही कर सकते हैं। इस योजना पर कर्ज में आरक्षण का लाभ भी प्रत्येक वर्ग को दिया जाता है।

दूसरा चरण –

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के दूसरे चरण में वहीँ लोग पात्र होंगे जिन्होंने पहले चरण में लिए गए ऋण को ब्याज के साथ वापिस किया हो। लेनदेन में किसी भी तरह की गड़बड़ी न की हो। वहीँ युवा उद्यमी इस चरण के लिए पात्र होगा। इस चरण में युवा 10 लाख तक का कर्ज सरकार से ले सकता है। लेकिन 7.5 लाख तक के कर्ज पर 50 प्रतिशत ब्याज का अनुदान 03 वर्षों तक दिया जायेगा। इस योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण में परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्म लोन होना मुख्य रूप से अनिवार्य है। इस ऋण में युवा उद्यमी अपनी वर्कशॉप या वर्कशेड बनाने में लगने वाली लागत को भी शामिल कर सकते हैं। इस चरण में सरकार द्वारा जो सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट)  का कवरेज दिया जाता है, वह सिर्फ और सिर्फ 03 वर्षों तक ही प्रदान किया जाएगा। इस बात का भी ध्यान रखें।

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के लिए पात्र युवा:

  • इस योजना के लिए सिर्फ वही युवा उद्यमी पात्र होंगे, जिनकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच है।
  • इस योजना का लाभ वही युवा ले सकते हैं, जिन्होंने कम से कम कक्षा 8 तक पढ़ाई की हो और उसमें पास भी हुए हो।
  • इसके साथ ही व्यक्ति ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से कौशल संबंधित किसी भी कोर्स में प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, या डिग्री की हो।

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” का लाभ लेने पाने के आवशयक दस्तावेज़:

  • सबसे पहले व्यक्ति के पास कौशल प्रमाणपत्र, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, या ITI से प्राप्त प्रशिक्षण में से किसी एक का प्रमाणपत्र अवश्य होना चाहिए।
  • दूसरा व्यक्ति के पास जो व्यापार शुरू करने वाले है, उसके परियोजना दस्तावेज़ और परियोजना रिपोर्ट भी होनी चाहिए।
  • तीसरा व्यक्ति के पास पैन कार्ड, आप जहाँ रह रहे हैं, उस जगह पर कब से रह रहे हैं, इसका पार्षद या ग्राम प्रधान द्वारा दिया गया प्रमाणपत्र भी हो।
  • चौथा बैंक की चालू या बचत खाता के पासबुक के पहले पेज की प्रति भी होनी चाहिए।
  • पांचवां नोटरी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र की प्रति भी होनी चाहिए।
  • इसके साथ ही शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र और पासपोर्ट आकार की फोटो भी होनी चाहिए।    

“मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना” के लिए आवेदन करने का सरल तरीका:

  • https://cmyuva.iid.org.in/home पर जाकर व्यक्ति ऑन-लाइन आवदेन कर सकता है।
  • इसके बाद आवेदन को जिला उद्योग विकास एवं उद्यमिता प्रोत्साहन केन्द्र में ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया जाएगा। सही पाए जाने पर ही आगे ऑनलाइन ही ऋण प्रदान करने वाले बैंको को भेजा जाएगा।
  • तीसरे चरण में बैंको के द्वारा प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध रूप से ऋण की   स्वीकृति दी जाएगी। इसके बाद पात्र व्यक्ति को वितरण करने की व्यवस्था की जाएगी। बैंको के द्वारा ही ऑनलाइन तरीके से ही मार्जिन मनी, ब्याज पर दी जाने वाली सब्सिडी और सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) प्रतिपूर्ति प्राप्त किये जाने की व्यवस्था की जाएगी।
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